रामा और श्‍यामा तुलसी में अंतर? जानें कौनसी तुलसी घर के लिए है शुभ

तुलसी का हरा-भरा पौधा सुख और समृद्धि का प्रतीक है। इन नियमों के अनुसार तुलसी में जल अर्पित करने से ही व्यक्ति को मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और खूब धन का लाभ होता है।घर में कौनसी तुलसी लगाएं- रामा या श्‍यामा? 

 

        तुलसी दो तरह की होती हैं रामा तुलसी और श्‍यामा तुलसी। लोग हमेशा सोचते है की घर में कौन सी तुलसी लगाना शुभ होता है। 
हिंदू धर्म में तुलसी को मां लक्ष्मी का रूप माना गया है। कहा जाता है हर घर में तुलसी का पौधा होना चाहिए। साथ ही रोज सुबह, शाम तुलसी मां के सामने दीपक जलाना चाहिए और जल अर्पित करना चाहिए इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है। तुलसी का हरा-भरा पौधा सुख और समृद्धि का प्रतीक है। इन नियमों के अनुसार तुलसी में जल अर्पित करने से ही व्यक्ति को मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और खूब धन का लाभ होता है। ऐसा भी कहा जाता जिस घर में तुलसी का पौधा होता है, वहां मां लक्ष्‍मी का वास होता है।रामा तुलसी
1.रामा तुलसी के पत्‍ते हरे रंग के होते हैं
इसके पत्‍ते मीठे होते हैं।
2.रामा तुलसी भगवान श्री राम को बेहद प्रिय है।
3.रामा तुलसी के पौधे को घर में लगाने से घर में सुख-शांति, संपत्ति आती है।
4.इसे घर में लगाना बहुत शुभ होता है।
श्‍यामा तुलसी
1.श्‍यामा तुलसी को भी घर में लगाना अच्छा होता है।
2.श्‍यामा तुलसी आयुर्वेद में भी बहुत महत्‍व दिया गया है।
3.कई दवाओं में श्‍यामा तुलसी का उपयोग होता है।
4.श्यामा तुलसी के पत्‍ते काले या बैंगनी रंग के होते हैं।
5.इसे भगवान श्रीकृष्‍ण से जोड़ा जाता है।
तुलसी में जल देने के नियम

बिना स्नान करें तुलसी को नहीं छुना चाहिए। सदैव स्नान के बाद ही तुलसी में जल अर्पित करें।
सूर्योदय के समय तुलसी में जल देना शुभ माना जाता है।
एकादशी के दिन भी तुलसी में जल अर्पित न करें। मान्यता है कि इस दिन तुलसी माता भगवान विष्णु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं।
तुलसी में जल अर्पित करने से पहले कुछ खाना नहीं चाहिए। खाली पेट तुलसी मां को जल देना चाहिए। 
तुलसी में जल अर्पित करते समय बिना सिलाई का एक कपड़ा धारण करें और उसे पहन कर ही जल अर्पित करें। 

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